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शराब पीने के बाद चूहों ने लाई बिहार में बाढ़….

बिहार में शराब बंदी के समय चूहों द्वारा शराब पीने की खबर तो सबने सुनी होगी। जिन्होंने नहीं सुनी उन्हें बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ जब चूहे लाखों का शराब पी गए। जब यह मामला प्रकाश में आया तो सरकार की बहुत किरकिरी हुई। मामला इसी वर्ष के मई महिने का है जब पटना के एसएसपी मनु महाराज ने बताया की थानों में रखी हजारों लीटर शराब चूहे पी गए।

पटना में नगर निगम चुनाव के दौरान एसएसपी मनु महाराज ने थानेदारों की बैठक बुलाई थी जिसमें उन्होंने पूर्ण शराब बंदी के बाद जब्त हुई शराबों के कम होने के बारे में पूछा तो थानेदारों ने शराब कम होने का एक अनोखा कारण बताया जिससे पूरा देश सन्न रह गया। थानेदारों का कहना था कि थानों में रखी हजारों लीटर शराब को चूहे पी गए। जिसके बाद मनू महाराज को गुस्सा आया और उन्होंने शराब को अच्छी तरह से रखने के लिए थानेदारों को चेताया।

लेकिन बिहार में चूहों का एक नया कारनामा सामने आया है। चूहे जब हजारों लाटर शराब पी गए तो उन्हें नशा चढ़ गया और नशे में चूहों ने नदी के सारे बांध खोल डाले जिससे बिहार को भारी बाढ़ का सामना करना पड़ा।

ये हमारा नहीं बल्कि बिहार के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह का बयान है। राजीव रंजन सिंह ने कहा कि नदी के बांध को चूहे नुकसान पहुचाते हैं जिससे बांध कमजोर हो जाता है और जब नदी का जलस्तर बढ़ता है तो बांध टुटने के बाद बाढ़ आ जाती है, और ऐसा कहने वाले सिर्फ राजीव रंजन ही नहीं हैं, बिहार सरकार के एक और मंत्री दिनेश चंद्र यादव ने भी बिहार में आई बाढ़ के पीछे चूहों की शरारत बताई है।

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इन मंत्रियों के बयान आने के बाद विपक्ष हमलावर हो गया। राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि जब चूहे इतने ही शक्तिशाली हो गए हैं कि शराब पी जा रहे हैं अनाज खा जा रहे हैं और बाढ़ भी ला दे रहे हैं तो चूहों को ही सरकार चलाने दे दिया जाना चाहिए। ज्ञात हो कि बिहार में आए भीषण बाढ़ से 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है करीब 1.5 करोड़ से भी अधिक लोग प्रभावित हुए थे। बिहार के 38 जिलों में से 20 पूरी तरह से जलमग्न हो गए थे और सरकार लोगों तक मूलभूत सुविधाऐं पहुंचाने में भी असफल रही। करोड़ों का नुकासान हुआ सो अलग। जिन लोगों ने अपनी पूरी जंदगी की कमाई को घर बनाने में लगा दिया मिनटों में उनके सर से उनका आसियाना उजड़ गया और सरकार कुछ नहीं कर पाई, और जब बाढ़ का पानी कम हो रहा है सत्ता धारी नेता बाढ़ का ठिकरा चूहों पर फोड़ रहे हैं।

जबकि सच्चाई तो यह है कि ना तो चूहों ने शराब पी थी ना ही बाढ़ के आने की वजह चूहे हैं। शराब को थानेदार या तो खुद पी गए थे या फिर ब्लैक में बेचा गया था। और बकायदा ऐसा एसएसपी मनु महाराज ने कहा था और इस घटना के बाद उन्होंने सभी थानेदारों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट भी करवाया। जिसके बाद से एक भी घटना सामने नहीं आई कि थानों में रखी शराब को चूहे पी गए। लेकिन अब यही रट राज्य के मंत्री महोदय ने लगा रखा है कि बाढ़ चूहों की वजह से आई है लेकिन सच्चाई तो यह है कि बिहार सरकार ने बाढ़ आने से पहले एक भी कदम नहीं उठाया जिससे बाढ़ को रोका जा सके। जबकि सब जानते हैं कि हर साल बाढ़ आती है और जानते हुए भी इसको नजरअंदाज किया गया जिससे बिहार को भयानक बाढ़ का सामना करना पड़ा और गरीब जनता अपने घर से बेघर हो गई उनके लिए अभी तक कोई भी सहायता नहीं दी गई है।

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