Home / देश / हरियाणा सरकार का कारनामाः महोत्सव के लिये 10 गीता पुस्तकों पर खर्चे लगभग चार लाख
gita fest

हरियाणा सरकार का कारनामाः महोत्सव के लिये 10 गीता पुस्तकों पर खर्चे लगभग चार लाख

नयी दिल्ली। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में संपन्न हुआ गीता महोत्सव अपने आयोजन को लेकर एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। प्रदेश सरकार पिछले दो वर्षाें से गीता महोत्सव का आयोजन काफी भव्यता से कर रही है। इस आयोजन के जरिये सरकार का लक्ष्य गीता महोत्सव को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लाने का प्रयास कर रही है। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सरकार से आरटीआई के जरिये यह जानकारी मांगी कि 10 गीता पुस्तकों की खरीदफरोख्त में कितना भुगतान किया गया है। सरकार ने जवाब में बताया कि किताबों की खरीद फरोख्त में सरकार ने लगभग चार लाख रुपये भुगतान किया है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने ऐसा कुछ भी होने की जानकारी से इनकार किया है।
यह भी चर्चा में है कि पिछले साल गीता महोत्सव में 15 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गयी है। इतना ही नहीं दिल्ली के बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को महोत्सव में कार्यक्रम करने के लिये दस लाख का भुगतान किया गया है। महोत्सव में अन्य प्रदेशों से बुलाये गये सांस्कृतिक कलाकारों के रहने की उचित व्यवस्था न होने से काफी कलाकारों की हालत बिगड़ गयी उन्हें नजदीक के अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा था। इन कलाकारों के खाने पीने व ठहरने की व्यवस्था प्रदेश सरकार की होती है।
मनोज तिवारी को कार्यक्रम में आने व गीत गाने के लिये सरकार ने दस लाख का भुगतान किया गया इस बात को लेकर विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार पर हमला कर दिया है। नेलोपा के नेता चैटाला प्रदेश सरकार व मनोज तिवारी पर तंज करते हुए कहा कि अपनी ही पार्टी के सांसद को कार्यक्रम में गाना गाने पर भुगतान करना पड़ता है। साथ ही किताबों की खरीद फरोख्त में हुई धांधली पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप भी लगाया है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि वो व्यस्त होने की वजह से महोत्सव में ज्यादा समय नहीं दे सका। अतः मैं इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दे सकूंगा।

विनय गोयल की रिपोर्ट

Next9news

Check Also

pregnant

प्रेग्नेंट औरतें पेनकिलर का न करें सेवन, नपुंसक होने की आशंका

नयी दिल्ली। अक्सर गर्भवती औरतों को एलोपैथ की दवाएं दर्द से छुटकारा पाने के लिये …