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ग्लोबल लंग कैंसर दिवस-लंग कैंसर से लड़ने के लिये बीटलंगकैंसर अभियान की शुरूआत

नयी दिल्ली। वल्र्ड लंग कैंसर डे की पूर्व संध्या पर सर गंगा राम अस्पताल में एक सेमिनार के दौरान बीटलंगकैंसर नाम का अभियान शुरू किया गया। इस अभियान मंे सर गंगाराम अस्पताल के अलावा महाजन इमेजिंग के अलावा यूवीकैन संस्था विशेष रूप से सहयोग कर रही है। यूवीकैन नाम की संस्था भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह है जो स्वयं कैंसर की खौफनाक बीमारी से जंग लड़ चुके हैं। इस सेमिनार का संचालन डा. बिलाल बिन असफ ने किया। गोष्ठी में सर गंगा राम अस्पताल के डा. अरविंद कुमार, गेस्ट फिजिशियन डा. नीरज जैन, रेडियोलाॅजिस्ट समरजीत सिंह धुम्मन, आॅन्कोलाॅजिस्ट डा. श्याम अग्रवाल, और गंगाराम अस्पताल के रेडियोलाजस्ट डा. पुनीत सेठी ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर गंगाराम अस्पताल में फेफड़ों के कैंसर के 15 रोगी भी मौजूद थे। इनमें कुछ रोगी अपने बीस के दशक में धूम्रपान नहीं करते थे। अब पूर्ण से सेहतमंद हैं।

लंग केयर फाउन्डेशन के ट्रस्टी व सेंटर फाॅर चेस्ट स्टडी के अध्यक्ष डा. अरविंद कुमार ने गोष्ठी में बताया कि आजकल मैट्रो सिटीज में प्रदूषण की मात्रा इतनी बढ़ गयी है कि जो लोग बीड़ी सिग्रेट नहीं भी पीते हैं वो भी दस से अधिक सिगरेट का धुआं पीने पर मजबूर हैं। आमतौरपर लोगों की यह धारणा है कि सिर्फ बीड़ी सिगरेट व अन्य धूम्रपान करने वालो को ही फेफड़ों का कैंसर होता है लेकिन अब लंग कैंसर उन लोगों को भी होता देखा जा रहा है कि जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं उन्हें यह कैंसर वातावरण बढ़ती जहरीली गैसों और कार्बन की मात्रा से हो रहा है। श्री कुमार ने कहा कि फेफड़ों का कैंसर सबसे कम पांच साल तक जीवित रहने वाली डरावनी बीमारी है। ताजा के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि काफी कम उम्र के युवा और महिलाओं में लंग कैंसर पाया जा रहा है। बीटलंगकैंसर के जरिये इस भयावह बीमारी से लोगों को जागरूक करना है। उपचार से बेहतर है बचाव।

इस अवसर पर गंगाराम अस्पताल गेस्ट मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डा. नीरज जैन ने बताया कि लंग कैंसर एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जो खासतौर से युवाओं को प्रभावित कर रही है। धूम्रपान रोकना और वातावरण के प्रदूषण की रोकथाम करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिये। मामलों को जांच कर उनका निदान करना भी महत्वपूर्ण है।

आन्कोलाजिस्ट डा. श्याम अग्रवाल ने कहा कि बढ़ते वाहनों की वजह से महानगरों में रासायनिक गैसों हानिकारक पदार्थांे की मात्रा बढ़ रही है। जिसकी वजह से बिना सिगरेट पिये ही लोगों को 10 से अधिक सिगरेट का धुआं पीना पड़ रहा है। दूर दराज के इलाकों में जहां प्रदूषण कम हैं। जनसंख्या का दबाव औसत है। वहां लोगों में लंग कैंसर के रोगी कम पाये जाते हैं।

सर गंगाराम अस्पताल के कंसल्टेेट व लंगकेयर फाउन्डेशन के संस्थापक ट्रस्टी डा. बिलाल के बुताबिक लंग कैंसर का प्राइमरी ट्रीटमेंट लंबी सेहतमंद जिंदगी के लिये बहुत जरूरी है। सर गंगाराम और महाजन इमेजिंग के साथ सहयोग में लंग केयर फाउन्डेशन इस बीमारी के शुरुआती लक्षण पता लगाने में एलडीसीटी के उपयोग में बढ़ावा दे रहा है।

विनय गोयल की रिपोर्ट

Nex9news

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