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बिग बॉस का पचरंगी कार्यक्रमः आखिर दिखाना क्या चाहता हैं चैनल

विनय गोयल की रिपोर्ट
नयी दिल्ली। आजकल मनोरंजन के नाम पर टीवी चैनल कुछ भी दिखाने से नहीं चूक रहे हैं। उन्हें सिर्फ अपनी टीआरपी से मतलब होता है। इसके लिये वो सेलिब्रिटीज को मुंहमांगी रकम भी देते हैं। ये नामचीन कलाकार येनकेन प्रकारेण चैनल की टीआरपी लाने में कुछ भी करने से नहीं चूक रहे हैं। चैनल के प्रोड्यूसर विदेशी चैनलों पर सफल प्रसारित कार्यक्रमों का हिन्दी वर्जन तैयार करने की रेस में लगे है। आजकल ऐसे कार्यक्रमों की भरमार होती जा रही है जो युवाओं को टारगेट कर के बनाये जाते हैं।

कुछ प्रोग्राम तो यूथ को संगीत, डांस, सिंगिंग और एडवेंचर को बेस बना कर अपनी टीआरपी बनाने में सफल होते हैं। भारत में बिग ब्रदर की सफलता के बाद कलर्स चैनल पर बिग बॉस का प्रसारण शुरू किया गया। नये फार्मेट का प्रोग्राम भारत में काफी सफल रहा। आज तक 11वां संस्करण प्रसारित किया जा रहा है। बिग बॉस के पहले संस्करण से 11वें संस्करण में काफी बदलाव आ चुका है। मनोरंजन के नाम पर और टीआरपी के लिये कुछ भी दिखा रहे हैं। बेडसीन से इंटिमेसी तक के फुटेज चैनल दिखाने में गुरेज नहीं कर रहा है।
भारत में अभी वो हालात नहीं हैं जहां नेशनल टीवी चैनल पर मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता परोसी जा सके। चैनलों पर प्रसारित होने कार्यक्रमों पर निगरानी रखने वाली संस्थाएं कितनी सक्रिय हैं ये कार्यक्रम इस बात की बानगी है। पहले बिग बॉस का प्रसारण प्राइम टाइम पर किया जाता लेकिन अश्लीलता बढ़ने के कारण 11वें सस्करण का प्रसारण सोमवार से शुक्रवार को रात साढ़े दस से प्रसारित किया जाता है। शनिवार और इतवार को बिग बॉस का प्रसारण रात नौ बजे किया जाता है।

पिछले साल इस कार्यक्रम में अश्लीलता की भरमार देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि नौ बजे तक लोग अपने परिवार के साथ टीवी देखते हैं। उस समय घर के सदस्यों में बच्चे भी टीवी देखते है। इंटिमेसी और बेडसीन देख कर बच्चों पर बुरा असर पड़ता है। भारत में अभी शायद इतनी एडवांसनेस नहीं आयी है कि ऐसे शो को परिवार के साथ बैठ कर नहीं देख सकते हैं। यही वजह है कि लगातार इस शो की व्यूअर शिप में काफी गिरावट देखी जा रही है। टीआरपी बढ़ाने के लिये होस्ट अनेक प्रकार की तिकड़में लगा रहे हैं। लेकिन शो की टीआरपी बढ़ाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। 10 सीजन तक सलमान केवल शनिवार और रविवार को ही होस्ट करते थे। लेकिन 11वे संस्करण में सातों दिन सलमान का इस बात की गवाह है कि शो की टीआरपी लगातार कमी आ रही है। जाहिर सी बात है कि प्रोडक्शन हाउस बिग बॉस में मोटी रकम लगाते हैं। अगर रेवेन्यू जेनरेट नहीं होगी तो उनके लिये भी समस्या हो सकती है।

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