Home / Blog (page 5)

Blog

नोटबदली कालाधन खत्म करेगी, या मंदी लाएगी?

bank-lines-after-note-banned

कोई भी कालाधनधारक कैश/नकदी मुख्यतः तात्कालिक उपभोग जरूरतों और लाभदायक सौदों पर खर्च करने भर के लिए रखता है। लाभदायक सौदे जैसे जमीन, सोना-चाँदी, हवाला के माध्यम विदेशी बांड में निवेश कर कैश के बोझ से मुक्त हो जाता है। कालाधन पैदा करने की भी एक प्रक्रिया है,  जो कैशलैश भी होती है। जी …

Read More »

विश्व भाषा का मिथक एवं लोकतंत्र

language

लोकतंत्र में शासन में जनता की सहभागिता तभी आ सकती है जब शासन व्यवस्था जन-भाषाओं में संचालित हो। इंग्लैड़ समेत सम्पूर्ण यूरोप में लोकतंत्र के विकास के साथ वहाँ की जनभाषाएं शासन प्रशासन और शिक्षा का हिस्सा बनी। यूरोप में भी जब आम जन ने प्रोटेस्टेंट मूवमेंट के द्वारा न …

Read More »

तो क्या नोटबंदी सिर्फ जनता के लिये है, बीजेपी के लिये नहीं

new-note

मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले का असर केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। जनता अपने घरों में नहीं बल्कि बैंको की दहलीज पर सोने को मजबूर है। इसे भी पढ़े : मुल्क की …

Read More »

आम से खास बनता सोच का दायरा…

freedom-of-speech

हमारा संविधान जिसे हम हमारा कह रहे हैं, क्या वो हमारा हैं? दरअसल आज के वक्त में हमारा रहा ही नहीं हैं। मुझे 2014 के पहले का दौर याद आ रहा हैं, जहां पर सरकार की आलोचना करने पर हमले नहीं हुआ करते थे। वो दौर था जहां लोग खुलकर …

Read More »

मुल्क की दुर्भाग्यवश आवाम, जो हो रही हैं कुर्बान…

parliament-building-india

500-1000 के नोटबंदी की गूंज आपको संसद से लेकर सड़क तक हर जगह सुनने को मिलेगी। 8 नवम्बर की मध्य-रात्रि प्रधानमंत्री का देश के नाम संबोधन पश्चात 500-1000 के पुराने नोट रद्दी हो गए। जिन्होंने भी वरसो-वरस से भ्रष्टाचार करके लाखों-करोड़ो रुपए बचा के रखे थे, अब महज वो कागज …

Read More »

जालिम को जो न रोके वो शामिल हैं जुल्म में…

protest-clipart

पीएम मोदी ने कहा लोगों को तकलीफें तो होगी सह लो…. क्या ऐसी ही तकलीफों की बातें की गई थी ? देश के तमाम हिस्सों से खबरें आ रही हैं कि कही इलाज की वजह से किसी बच्चे की मौत हुई, तो कहीं औरतों के साथ मारपीट की गई, तो …

Read More »

आखिर देश पर क्यों लग रहा है सवालिया निशान?

ndtv-india-final

आखिर क्यों उठाना पड़ा रवीश कुमार को यह कदम कि सहारा मूक अभिनय के सिवा कुछ और न मिला। इसका जवाब कौन देगा, खुद रवीश कुमार, एनडीटीवी या फिर हमारी शासन व्यवस्था, आखिर कौन? यह बहुत मार्मिक सवाल हैं लेकिन इसके बारे में सोचना तो पड़ेगा, कि आखिरकार क्यों किसी …

Read More »

आखिर क्यों करना पड़ा एनकाउंटर….  

bhopal

दिवाली के पटाखों की धमक अभी शांत भी नहीं हुई थी कि भोपाल से एक बड़ी खबर सामने आई। जो पूरे मध्य प्रदेश पुलिस और सरकार की नींद उडा दी। खबर था की भोपाल सेंट्रल जेल तोडकर सिमी ‘स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट’ ऑफ इंडिया के आठ कुख्यात आतंकवादी जेल तोड़कर फरार …

Read More »

जब पाठशालाआें पर भारी पड़ी अंग्रेजी हुकूमत

school

इस देश में शिक्षा तो उसी दिन राज-व्यवस्था के हाथ का खिलौना बन गयी, जिस दिन स्वायत्त पाठशाला व्यवस्था को भंग करने के लिए ब्रिटिश कम्पनी हुकूमत ने अंग्रेजी केन्द्रित स्कूली व्यवस्था की नीव डाली थी । स्कूली और विश्वविद्यालयी शिक्षा का वर्तमान ढाँचा कम्पनी एवं ब्रिटिश राज में खड़ा …

Read More »

थोड़ी प्रूफरीडिंग-एडिटिंग के साथ पुनः सुबह की पोस्ट…..

dhanteras

भारत के उन 15 लोगों को जिनके पास देश की आधी सम्पत्ति है, धनतेरस के बाद, धन की देवी लक्ष्मी के पूजन की बधाईयाँ। बाकि ‘धन को तरसते’ भारत वासियों को धन-तरस के बाद दीवाली की मिठाइयाँ और साथ में “जुमलों की फुलझड़ी”, शुभकामनाओं के साथ| हम प्रार्थना के साथ …

Read More »