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युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता

war

युद्ध हमेशा से पूंजीपतियों के पक्ष में होता है। पहले युद्ध की तैयारी के नाम पर संसाधनों को युद्ध सामग्री खरीदने पर खर्च किया जाता है। जिसका फायदा इसे बनाने से लेकर इसकी दलाली में लगे सटोरियों को होता है। गलती से युद्ध हो जाये तो सट्टे बाज जरूरी सामानों …

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लड़ना है तो कुपोषण और गरीबी से लड़े

poor

अमेरिका और कैनेडा के बॉर्डर पर एक भी सैनिक नहीं है। यही स्थिति अब यूरोपियन यूनियन के देशों की भी है |  इन देशों में अनेकों मकान ऐसे है जिनका एक हिस्सा एक देश में तो दूसरा दूसरे में | सोते वक्त सर कनाडा में तो पाँव अमेरिका |  इसी …

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अंग्रेजी स्कूलों से गुजरता हुआ सरकारी भविष्य?

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आज स्थिति ये हो गई है कि सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाला या सरकारी नौकरी में सेवारत व्यक्ति अपने बच्चों को निजी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ाता है। आर्थिक रूप से संपन्न सरकारी सेवारत स्थाई शिक्षकों के बच्चे तो निश्चित तौर निजी स्कूलों में ही पढ़ते है।  दूसरी सरकारी …

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क्या आंखें खुल जाएगी ‘Be The Bitch’ के बाद ?

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हमारे इस समाज का भी कोई जवाब नहीं ये कब किस लड़की को क्या बना दें कुछ नहीं कहा जा सकता। कुछ नहीं कहा जा सकता इस बारे में कब ये किस लड़की को देवी बना दें और कब राक्षसी, क्योंकि इस समाज के कुछ अपने मापदंड हैं, जरुरी नहीं …

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क्या मौत कमाने में लगाया था वक्त मैंने?

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प्यार, लिव-इन, धोखा, ब्रेक अप, मूव ऑन, शादी ये कुछ ऐसे शब्द है, जो आजकल के युवाओं की जुबां पर चढ़े हुए हैं। बात लव बर्ड्स की, जिनमें से कुछ को अपनी मंजिल मिल जाती हैं और कुछ बीच सफर में एक दूसरे का साथ छोड़ देते हैं। इस बीच …

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राजनैतिक गलियारों से उठकर, क्या प्रथाए बदल पाएंगे राजनेता…

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28-29 सितम्बर को हुए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से देश की सियासत गर्माती जा रही हैं। एक ओर पीएम नरेंद्र मोदी को इस ऑपरेशन के लिए बधाईयां मिल रही हैं तो दूसरी तरफ उनसे ऑपरेशन से जुड़े सबूत मांगे जा रहे हैं। देश की सुऱक्षा के मामले को इस तरह …

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नजरें झुकाकर नहीं, उठाकर जवाब दो…

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आज के इस समाज में लड़की होना अपने आप में बड़ी बात है। इतनी बड़ी कि हम शायद ही उस एहसास को शब्दों में बयां न कर पाए। जिससे लड़कियां रोजमर्रा की जिंदगी में दो चार होती, कहां उन्हें ऐसे सिरफिरे नहीं टकराते होंगे जो एक टक उन्हें घूरते रहे। …

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कलयुगी बेटे ने ढाया माँ पर जुल्म…

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बचपन जिस बेटे को अपने तमाम गम और तकलीफ को ताख पर रखकर जिस मां ने अपने कलेजे से लगाकर ज़िंदगी दी होगी क्यो वो बेटा बड़े होकर अपनी उसी मां को गला घोंटकर मारने की कोशिश कर सकता है। शायद आप भी मेरी तरह से इन लाइनों को बेसिर …

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आपका एक Compliment बना सकता हैं किसी का दिन…

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आप जब सुबह के समय घर से निकलते हैं तो न जाने कितने ही लोगों से आपका सामना होता है, जिनमें से कुछ पर आपकी निगाहें टिकी रह जाती है। तो कुछ आपकी नजरों से ओझल हो जाते हैं। वहीं कुछ लोगों की कई चीजें आपको सोचने पर मजबूर कर …

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सुरक्षित हाथों में है भारतीय क्रिकेट का भविष्य

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हमारे मुल्क़ में शायद क्रिकेट को इसी लिये सिर आंखों पर रखा जाता है क्योंकि इस खेल ने देश को तमाम बार अपना सीना गर्व से चौड़ा करने का मौका दिया है। इसी क्रम में एक बार फिर से भारत ने मील का पत्थर स्थापित करते हुए 500 टेस्ट खेलने …

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