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खुला खत

आज के युवाओं में डिप्रेशन क्यों

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आज से दो तीन दशकों पहले मानसिक तनाव, अवसाद या डिप्रेशन आदि सुना भी नहीं जाता था। लेकिन आज मेट्रो सिटीज में अक्सर सुना जाता है कि युवावर्ग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। मानसिक तनाव और अवसाद से प्रभावित होकर अपनी जान देने की कोशिश कर रहे हैं। डिप्रेशन, …

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पत्रकारिता के मायने पार्ट 2- पत्रकारिता के खट्टे मीठे अनुभव

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पत्रकारिता की दूसरी पाठशाला मेरे लिये जनसत्ता एक्सप्रेस रहा। यहां प्रवेश करना भी मेरे लिये काफी संघर्षपूण रहा। 2001 यूपी की राजधानी से इस अखबार के प्रकाशन के लिये इंडियन एक्सपे्रस समूह ने विराज प्रकाशन से करार किया। विराज प्रकाशन ने संपादकीय विभाग की जिम्मेदारी दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम पंकज …

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वो दिन भी क्या दिन थेः रामलीला व दशहरे का रहता था इंतजार

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बात उन दिनों की है जब मैं कानपुर में अपने परिवार के साथ रहता था। हम सभी भाई बहनों को बेसब्री से इंतजार रहता था। खासतौर से दशहरे का। वो इस लिये कि घर वाले पूरे दस दिनों तक हमें रात में घूमने की छूट देते थे। घर के आसपास …

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मेरे लिये पत्रकारिता के मायने

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पत्रकारिता के नाम से पहले लोगों को सम्मान मिलता था। लेकिन आज के हालात में सिर्फ लोगों की निगाह में पत्रकार एक दलाल या बिना रीढ़ का जीव समझते हैं। आज के डिजिटल युग में पहली वाली बात नहीं रह गयी है। आप को भाषा विषय की जानकारी हो न …

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संवेदनहीन होते राजनेता…

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गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युम्न की हत्या और उसके ठीक अगले ही दिन दिल्ली के टेगौर स्कूल में 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना ने आम आदमी को अंदर तक हिला कर रख दिया है। आम आदमी इन हादसों के बाद से इतना आहत हुआ …

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अमर सिंह तलाश रहे राजनीतिक ठिकाना

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पूर्व सपा नेता और राज्य सभा सदस्य अमर सिंह की परेशानिया बढ़ती जा रही हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया है। राज्यसभा में वो बिना दल के सांसद हैं। वहां भी उनकी कोई वकत नहीं है। तब से वो अपने राजनीतिक ठिकाने …

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मासूमों के साथ हैवानियत!

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तकनीकियों की बात करें तो आज हम 21वीं सदी में प्रवेश कर रहे हैं लेकिन जिस तरह आजकल मासूमों के साथ हैवानियत का कहर टूट रहा है। उससे हमें अपने को सभ्य कहने पर शर्म आती है। अखबार और टीवी चैनलों पर इस विषय पर गर्मागर्म समाचार और बहसें सुनने …

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खातेदारों को धोखा दे एसबीआई ने वसूले 235 करोड़ रुपये

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भारत के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने खातों में तय मासिक औसत जमा राशि (मिनिमम बैलेंस) नहीं रखने वाले लोगों से 235.06 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है. यह जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मिली है। बैंक की जानकारी के मुताबिक, कुल 388.74 लाख खातों …

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वो टीचर जो मुझे याद हैं…

जहां तक मुझे याद है कि प्राइमरी से इंटर तक कुछ अध्यापकों ने मेरे मन को छुआ है। उनमें सबसे ऊपर ज्ञान निकेतन स्कूल की प्रिंसिपल सुरजीत कौर हैं जिनकी वजह से आज मैं तिना बन सका हंू सब उनकी सख्ती और पढ़ाने का ही फल है। उनकी पढाई ग्रामर …

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मुफ्तखोरी व लालच की आदत

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मुफ्त का शब्द सुनते ही हमारी आंखों में चमक आ जाती है। कानों में लगता है किसी ने शहद घोल दिया हो। यह एक ऐसा चमत्कारी शब्द है कि मुर्दे में भी जान आ जाती है। सामान्यतया यह शब्द सभी लोगों को चमत्कृत करता है लेकिन इसका असर महिलाओं पर …

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