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खुला खत

सुप्रीमकोर्ट की आंख में धूल झोंकने की तैयारी

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हाल ही में सुप्रीमकोर्ट ने राष्ट्रीय राज मार्ग पर होने वाली शराब की बिक्री पर रोक लगाने का ऐतिहासिक आदेश दिया है। उच्चतम न्यायालय के इस आदेश से शराब उद्योग से जुड़ें लोगों में हड़कंप मच गया है। अदालत के आदेश के अनुसार नेशनल हाइवे से 500 मीटर के दायरे …

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किसान ऋण माफीः राहत की ओर कदम

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यूपी सरकार ने सत्ता संभालते ही लघु व सीमांत किसानों को राहत देना शुरू कर दिया है। योगी सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ करने का फैसला लिया गया है। पीएम मोदी ने जो वादा प्रचार के दौरान किया था उनको …

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…ये आग कब बुझेगी!

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भारत में कहावत मशहूर है कि तिल का ताड़ बनाना या रस्सी का सांप बनाना। यह कहावत क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग पर पूरी तरह चरितार्थ हो रही है। गुरमेहर के मामले में सेहवाग ने एक ट्वीट क्या कर दिया कि उन्होंने घर बैठे मुसीबत मोल ले ली है। हालांकि सेहवाग ने …

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मेहर कौर का कसूर क्या है?

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गुर मेहर कौर दिल्ली के लेडी श्रीराम कालेज की छात्रा है। साथ ही आल इंडिया स्टूडेंट एसोसियेशन से जुड़ी हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह रामजस कालेज में हिंसा में एबीवीपी का विरोध किया था। सोशल मीडिया पर एबीवीपी के खिलाफ अपना विरोध जताया था। तब से उसका नाम सुर्खियों में छा …

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काम के साथ सेक्स का आनंद!

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हमारे देश में सेक्स को एक हौआ माना जाता है। इस विषय पर आमतौर से बात करने से भी कतराते हैं। लेकिन विदेशों में ऐसा कुछ भी नहीं है। लोग इस विषय पर हेल्दी डिबेट करते हैं। शायद यही वजह वहां रेप के कम मामले देखने को मिलते हैं। इसे …

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एक वेश्या का खुला खत

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वेश्या शब्द जैसे कानों में पड़ते ही लोगों के चेहरे पर मुस्कराहट रेंग जाती है। लोगों के दिमाग में सेक्स की अजीब सी इच्छा जाग्रत हो जाती है। यह सब इसलिये होता है क्योंकि उस महिला या लड़की बारे में कि वो एक सेक्सवर्कर है। सुनी सुनाई बातों पर एक …

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मासूम बच्चियां आख़िर क्यों बन रही हैं हवस का शिकार……

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हम कहां सुरक्षित हैं और आखिर हम कहां जाएं’! यह सवाल केवल मेरे नहीं, बल्कि आजकल हर महिला के मन में चल रहा है। पिछले कुछ समय से लगातार कुछ घटनाओं ने स्त्री के सामने यह चुनौती खड़ी कर दी है कि वे सोचें कि इस सामाजिक व्यवस्था में उनका …

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दिल्ली मेट्रो क्यों बनती जा रही है आफत…….

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24 दिसम्बर 2002 को दिल्ली मेट्रो की शुरुआत हुई, 160 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाली मेट्रो में करीब रोज़ाना 2 लाख से अधिक लोग इसमें यात्रा करते हैं, दिल्ली की लाइफ लाइन कही जाने वाली मेट्रो इन दिनों लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई है । दिल्ली मेट्रो दिल्ली वालों …

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ज़िन्दगी में कामयाबी की ऊंचाई पाने के लिए दूसरों को गिराना ज़रूरी नहीं

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  दोस्तों, आज हमारी ज़िन्दगी में हम इंसानों की मानसिकता और सोच इस तरह की बन चुकी है कि हम अपनी ज़िन्दगी में कामयाबी की ऊंचाइयो को पाने के लिए दूसरे को गिराना ज़रूरी समझते हैं,  अपनी जीत से ज़्यादा दूसरों को हराना ज़रूरी समझते हैं। दरअसल, आज यही सोच …

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घुटन की दास्तां बहुत पुरानी हैं…

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कैसा होता है वो शख्स जिसके पास आप बीती सुनाने के लिए कोई न हो जो अंदर ही अंदर घुट रहा हो किसी न किसी बात को लेकर, कैसा होता होगा वो शख्स जो बहुत कुछ कहना चाहता हैं लेकिन किसी के न होने के डर से बातों को मन …

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