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खुला खत

ज़िन्दगी में कामयाबी की ऊंचाई पाने के लिए दूसरों को गिराना ज़रूरी नहीं

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  दोस्तों, आज हमारी ज़िन्दगी में हम इंसानों की मानसिकता और सोच इस तरह की बन चुकी है कि हम अपनी ज़िन्दगी में कामयाबी की ऊंचाइयो को पाने के लिए दूसरे को गिराना ज़रूरी समझते हैं,  अपनी जीत से ज़्यादा दूसरों को हराना ज़रूरी समझते हैं। दरअसल, आज यही सोच …

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घुटन की दास्तां बहुत पुरानी हैं…

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कैसा होता है वो शख्स जिसके पास आप बीती सुनाने के लिए कोई न हो जो अंदर ही अंदर घुट रहा हो किसी न किसी बात को लेकर, कैसा होता होगा वो शख्स जो बहुत कुछ कहना चाहता हैं लेकिन किसी के न होने के डर से बातों को मन …

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शहादत देश के लिये…

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देशभक्ति की राह में शहीदों की शहादत याद रखना, देश के लिये शहीद जवानों का सम्मान रखना, भारत मां की चाह में कुर्बानी दे दी याद रखना, देशभक्ति की राह में शहीदों की शहादत याद रखना। देशभक्ति में वीर जवानों का सम्मान याद रखना, खुशियों का दीप जलाकर क्रांतिकारी मान …

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लाचार मम्मा की उम्मीद…

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गोधुली बेला में चला गया, खेल खेलने टोली सूरज चाचा चले गये तो, लगा डराने टोली, चंदा मामा निकल गये फिर, लगा झूमने टोली ढूंढते-ढूंढते मम्मा पहुंची, बोले प्यार की बोली, गले लगाके मम्मा, देखन चाहे मुखड़ा चोरी मम्मा की ममता प्यार से, बोले प्य़ारी बोली, समझ ना आया क्यों …

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नादान इश्क़…

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लरजते लम्हों से दिल की बातें, कह ना सका नैनों का इशारा था, इजहार कर ना सका, उसकी आंखों की चाहत, दिल सह ना सका चाहत को रूसवाईयों के, डर से कह ना सका, चली गई तन्हाईयों में, जुदाई सह ना सका लरजते लम्हों से दिल की बातें, कह ना …

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मां की ममता का कर्ज़…

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मां तू ममता की धनी, मैं कंगला रह गया बचपन में सुना लोरी सोचा सुनाऊं भजन चोरी पड़ी पैनी नज़र उसकी… कड़वा वचन बोल चला गया तेरा दूध पीकर भी, मैं चंडाल बन गया तरसे तू रोटी के खातिर खिलाने निकला तुझे रोटी पड़ी पैनी नज़र उसकी… कुतिया को डाल …

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फिर ये दीवार क्यों…

family

भाई बंधु सब अपने, रिश्तों में प्यार चाहिये फिर ये दीवार क्यों मां की ममता, भाईचारा, प्यार का एहसास चाहिये फिर ये दीवार क्यों भाई को भाई का साथ, एक छत की छांव चाहिये फिर ये दीवार क्यों स्वर्ग से सुन्दर घर में, आंगन बड़ा विशाल चाहिये फिर ये दीवार …

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समय बदल गया…

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बचपन के वो दिन, आज भी पुकारते हैं, सोच वही है, समय बदल गया। अपनी यादों को समेटे हुए, प्यार से दुलारते हैं, प्यार वही है, समय बदल गया। धुंधली आंखों से बुढापे में, आज भी बुलातें हैं, नज़रिया वही है, समय बदल गया। बाहें फैलाये हुए, आज भी गले …

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अंधकार में संस्कार…

man-alone

डूब जाएगा अंधकार में संस्कार एक दिन, पहचान के लिये तड़पोगे जनाब एक दिन, बिन पहचान हो जाओगे नाकाम एक दिन, अंधकार में डूब जाएगा सम्मान एक दिन, जमीर भी तो मांगेगा हिसाब एक दिन, छुप-छुप के मांगोगे अधिकार एक दिन, डूब जाएगी अंधकार में आवाम एक दिन, पहचान के …

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दो टुक, प्यार में…

ways-to-love

  दो टुक कह सका प्यार में कहने को तो बहुत कुछ था, एहसास का समंदर दिल में बहने को तो बहुत कुछ था, दिल की बात छुपा चेहरों से दिखने को तो बहुत कुछ था, दिल की बातें दिल की जुबां से  दो टुक में तो बहुत कुछ था, …

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