Home / देश / चुनाव स्पेशल / भाजपा उम्मीदवार का राष्ट्रपति बनना लगभग तय
president-election

भाजपा उम्मीदवार का राष्ट्रपति बनना लगभग तय

नयी दिल्ली। संविधान विशेषज्ञों की मानें तो अगले राष्ट्रपति का चुनाव 1971 की जनगणना के अनुसार किया जायेगा। 2001 में हुए संविधान संशोधन के अनुसार यह तय हो चुका है। इस सशोधन के अनुसार 2026 तक नये राष्ट्रपति का चयन किया जाना है। यदि नये परिसीमन के अनुसार 2001 की जनगणना को आधार बनाने के लिये संविधान में संशोधन करना होगा। ऐसे में भाजपा के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का चुना जाना जगभग तय माना जा रहा है।
हालांकि संविधान विशेषज्ञों के अनुसार 1971 की आबादी के अनुसार होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में कई राज्यों को उतना प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा जितना कि वर्तमान राष्ट्रपति चुनाव में मिलना चाहिये। भारत में राष्ट्रपति चुनाव का चुनाव परोक्ष निर्वाचन प्रणाली के तहत निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इसमें सांसदों और विधायकों के मतों का मूल्य भी राज्यों की कुल आबादी के हिसाब से तय होता है। इसे आनुपातिक प्रतिनिधित्व व्यवस्था कहते हैं।
संविधान विशेषज्ञ डा. सुभाष कश्यप का कहना है कि यदि राष्ट्रपति चुनाव का आधार साल 1971 से बदलकर 2011 कर दिया जाये तो इन चालीस सालों में बढ़ी आबादी को देखते हुए कई राज्यों के विधायकों के मतों का मूल्य और कुल मतों में उनकी हिस्सेदारी बढ़ जायेगी।

विनय गोयल की रिपोर्ट

Next9news

Check Also

shashi

मेरे पास मां है कहने वाली आवाज हुई खामोश

नयी दिल्ली। भारतीय और विदेशी फिल्मों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके बलबीर राज …