Breaking News
Home / खुला खत / मोदी सरकार के लिये खतरा, आजादी के 79 वर्ष बाद बनेगा द्रविड़नाडु

मोदी सरकार के लिये खतरा, आजादी के 79 वर्ष बाद बनेगा द्रविड़नाडु

भारत से आजादी की मांग एक बार फिर सिर उठाने लगी है। 79 साल बाद द्रविड़नाडु देश की कल्पना एक बार उठने लगी है। दक्षिण भारत के चार राज्यों के कुछ लोग भारत से आजादी की मांग कर रहे हैं। कामरेड नांबियार ने अपने ट्विटर पर लिखा है कि हमने आपको आईटी दिया, इसरो दिया और आपने हमें हिन्दूवादी आतंक इसे बर्दाश्त नही किया जायेगा। एक ट्वीट करने वाले पार्शनाथ रंगास्वामी ने लिखा कि शर्म की बात है कि देश की राजधानी दिल्ली में अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करने वाले किसानों से मोदी ने मुलाकात करना भी जरूरी नहीं समझा।
सोशल मीडिया पर पिछले माह द्रविड़नाडु शब्द छा रहा है। इससे पहले भी केरल, कर्णाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के लोग अलग देश की मांग कर चुके हैं। इन प्रदेशों के लोगों का मानना है कि अगर मोदी सरकार लोगों के खान-पान व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दखलंदाजी करना जारी रखती है तो हमें भारत से अलग कर दिया जाये। अगर सरकार को ब्राह्मणवादी परंपरा से देश चलाना है हमें अलग देश बनाना ही होगा। दक्षिण भारत के बड़े नेता पेरियार रामास्वामी नायकर ने कुछ समय पहले द्रविड़नाडु शब्द की उत्पत्ति और पृथक देश की मांग की थी।

1916 में टीएम नायर और आरबी त्यागराज चेट्टी ने जस्टिस पार्टी नाम का राजनीतिक दल बनाया था। 1921 में पार्टी ने स्थानीय निकाय चुनावों में जीत हासिल की थी। इस पार्टी को स्थापित करने में सीएन मुदलियार, सर पीटी चेट्टी और डी एम नायर की कड़ी मेहनत से पार्टी ने अपना मुकाम बनाया था। 1920 से 1937 मद्रास प्रेसीडेंसी में सत्ता में जस्टिस पार्टी रही। 1944 में पेरियार ने इस पार्टी का नाम द्रविड़ कड़गम कर दिया था। उस समय यह पहलो गैररजनीतिक दल था जिसने पहली बार द्रविड़नाडु बनाने की मांग रखी थी। 1940 में जस्टिस पार्टी ने द्रविड़नाडु की मांग को लेकर रिजाल्यूशन पास किया था। इसमें तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और मलयालम परिवारों के लिये अलग देश बनाने की मांग की थी।

विनय गोयल के विचार

Next9news

Check Also

nitish-sharad

दो कश्तियों पर सवार शरद यादव

बिहार में जदयू-बीजेपी की नयी सरकार बनने के बाद से शरद और नितीश कुमार के …