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योगी के लिये गले की फांस बनेगा राम मंदिर

नई दिल्ली। यूपी में बीजेपी की प्रचंड बहुमत की सरकार बन चुकी है। प्रदेश की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में आ गयी है। अब तक योगी एक कट्टर हिन्दूवादी नेता के रूप बनी हुई है। अवाम को नयी सरकार से काफी उम्मीदें हैं। बीजेपी ने चुनाव में प्रचार के दौरान प्रदेश की जनता को एक स्वच्छ प्रशासन व विकास को प्राथमिकता वाली सरकार देने का वादा किया था। लेकिन चंद दिनों बाद ही यूपी सरकार के आगे मंदिर मस्जिद निर्माण का मुद्दा गर्मा गया है।

इस विषम परिस्थिति से उबरने में सीएम योगी किस तरह निपटेंगे यह सोचने का विषय है। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी मंदिर मस्जिद का मामला बातचीत से सुलझाने की सलाह दी है। बीजेपी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी कहा है कि प्रदेश के संप्रदाय विशेष को हिन्दुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए राम मंदिर का निर्माण कराने में सहयोग करना चाहिये। बाबरी मस्जिद का निर्माण प्रस्तावित जगह पर बनाने की बात मान लेनी चाहिये।

अब सरकार को चाहिये कि वो मंदिर निर्माण के लिये संसद में संविधान लाये और इस मामले पर विराम लग सके। वैसे योगी ने सत्ता की कमान संभालते ही अपने मंत्रियों व विधायकों को संयम बरतने और विवादित बयानों से दूर रहने का निर्देश दिया है। मंत्रियों और विधायकों को रटे रटाये बयान ही देने को कहा गया है।

यूपी में भाजपा की बहुमत सरकार बनने के बाद से ही हिन्दूवादी संगठनों को पूरा विश्वास हो गया कि मोदी और योगी की सरकारें मिलकर राम मंदिर का निर्माण करवायेंगे। इन संगठनों के सहयोग पर ही प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है। उनकी यह सोच भी उचित है। पहले भी भाजपा केन्द्र व प्रदेश में मंदिर निर्माण मुद्दे पर ही सत्ता में आयी थी।

जनता में अपनी विश्वसनी यता को बनाये रखने के लिये कुछ तो करना ही होगा। योगी के पद संभालते ही देश प्रदेश में मंदिर निर्माण कराने के लिये बयानों का दौर जारी हो गया है जबकि सरकार में मंत्रियों को विभाग भी नहीं दिये गये हैं। बीजेपी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी अपने बयानों के लिये पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उनके हालिया बयान से तो यूपी की राजनीति में उबाल आ गया है। खासतौर से यूपी प्रदेशवासियों को अमन चैन पर संकट मंडराता दिख रहा है।

यूपी सरकार की कमान संभाले योगी को एक सप्ताह भी नहीं हुआ है कि प्रदेश में मंदिर निर्माण का मुद्दा गरमाने लगा है। योगी के लिये यूपी का ताज कांटों से भरा है। उन्हें प्रदेश के बीस करोड़ निवासियों की सुरक्षा और विकास का सरपरस्त बनाया गया है। ऐसे में योगी के लिये तो एक तरफ कुआं तो दूसरी खाइ्र्र है। यदि वो राम मंदिर को बनवाने का बीड़ा उठाते हैं तो प्रदेश दो हिस्सों में बंट जायेगा। अगर वो इस मामले में हीला हवाली करते हैं तो हिन्दुओं की उन भावनाओं को आहत करेंगे जिनके मतों से पार्टी को भारी बहुमत मिला है। अब तक योगी अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर के लिये उत्तरदायी थे। अब हालात बदल गये हैं अब उनकी जिम्मेदारियों में पूरा प्रदेश आ गया है।

विनय गोयल की रिपोर्ट

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