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स्मार्ट सिटी औनर साइबर सुरक्षा पर गंभीर मंथन- अब डेटा में सबसे बड़ी ताकत है- के.के. पॉल

नई दिल्ली। उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. के.के. पॉल का कहना है कि तकनीकी के इस दौर में डेटा ही असली पूंजी है। इसे बहुत संभाल कर रखना चाहिए व इसकी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने चाहिए। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘स्मार्ट सिटी और साइबर सुरक्षा’ विषय पर आयोजित एक दिन के सेमिनार का उद्घाटन करते हुए डॉ. पाल ने अपने विस्तृत संबोधन में साइबर सुरक्षा के सभी पहलुओं पर विस्तार से बात रखी। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सेक्युरिटी एंड सेफ्टी मैनेजमेंट द्वारा आयोजित इस सेमिनार में विभिन्न साइबर सुरक्षा से जुड़े 300 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। एन.एस.जी., आई.टी.बी.पी. और बी.एस.एफ. आदि सुरक्षा बलों के साइबर विभाग के प्रतिनिधि भी सेमिनार में शामिल हुए।

स्मार्ट सिटी और साइबर सुरक्षा विषय पर अपना विस्तृत शोध प्रस्तुत करते हुए उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. के.के. पॉल ने कहा कि एक समय में माओत्से तुंग ने कहा था कि सत्ता बंदूक की नली से निकलती है। वह दौर बहुत पहले बीत गया। समझना होगा कि आज असली ताकत सूचना में हैं। यहां तक की भूगर्भीय खनिज पदार्थो और जमीन के मुकाबले आजकल डेटा भी एक सम्पदा हो गया है। सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में डेटा को संरक्षित रखने और उसके दुरूपयोग को रोकने के लिए भारत ने सन् 2000 में आई.टी.एक्ट बनाया था। डॉ. पॉल ने कहा कि नई तकनीकी ने हमारे पूरे जीवन और समाज को प्रभावित किया है। आपसी सूचनाओं का आदान-प्रदान और लेन-देन से लेकर पूरा व्यापार तकनीकी पर आधारित होता जा रहा है। ऐसे में निजता की सुरक्षा बहुत महत्व रखती है।

उत्तराखंड के राज्यपाल ने कहा कि सरकारों और उसके संस्थानों को भी डेटा की सुरक्षा के प्रति चौकन्ना रहना पड़ेगा और इस बात के पुख्ता इंतजाम करने होंगे कि कोई भी उनका दुरूपयोग न कर सके। साइबर हमले से हुई कई बड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए डॉ. पाल ने कहा कि बदलते दौर में बम से कहीं ज्यादा ताकतवर कम्प्यूटर का की-बोर्ड हो गया है। ऐसे में साइबर संसार के प्रति लोगों का विश्वास बना रहे और साइबर क्राइम के मामलों में त्वरित गति से कार्रवाई हो और अपराधियों को सजा मिले, इसके लिए व्यवस्था बनानी होगी।

इसी विषय पर बोलते हुए नीति आयोग के अध्यक्ष अमिताभ कांत ने कहा कि विश्व के अन्य देशों के मुकाबले भारत में डेटा अधिक सुरक्षित है। अमिताभ कांत ने कहा कि जहां अनेक देशों में डेटा गूगल और फेसबुक या अली बाबा जैसी निजी कंपनियों के पास है वहीं भारत में अधिकांश डेटा सरकारी संस्थानों के पास है, इसलिए वह अधिक सुरक्षित है। नए दौर में तकनीकी के बढ़ते इस्तेमाल पर विस्तार से बोलते हुए अमिताभ कांत ने कहा कि अब 99प्रतिशत लोग इन्कम टैक्स ऑनलाइन ही भरते हैं। बैंक एकाउंट खोलना चुटकी बजाने जितना आसान हो गया है। लोगों के हाथों में स्मार्ट फोन बढ़ते जा रहे हैं। एक समय आएगा जब क्रेडिट कार्ड, डेविट कार्ड और एटीएम की उपयोगिता भी नहीं रह जाएगी।

कार्यक्रम के संयोजक व आईआईएसएसएम के कार्यकारी अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद आर.के.सिन्हा ने इस आयोजन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि एक दौर में अब निजी सुरक्षा से कहीं अधिक आर्थिक सुरक्षा का महत्व है। नई तकनीकी के आ जाने से पूरा परिदृश्य बदल गया है। ऐसे में साइबर संसार पर बढ़ती निर्भरता और उस पर आसन्न खतरों को समझकर पूर्व तैयारी करने की आवश्यकता है।

विनय गोयल की रिपोर्ट

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