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सैंट जॉंस में 25 सालों से नहीं हुआ है राष्ट्रगान

उत्तराखंड के रुड़की में एक ऐसा मामले सामने आया जिसे सुनकर आपको भी बहुत आश्चर्य होगा। दरअसल सत्तर साल आजादी को बीत चुके हैं, वहीं सत्तर सालों के बाद आज भी देश में ऐसे स्कूल स्थापित हैं जिनमें भारत माता को अपमानित किया जाता है। शिक्षानगरी के एक ऐसे ही स्कूल सैंट जॉंस का मामला उजागर हुआ है, जिसमें कि पच्चीस वर्षों से कभी राष्ट्रगान नहीं कराया गया। मामला भाजयुमों के संज्ञान में आने पर भाजयुमों के जिलाध्यक्ष सागर गोयल के नेतृत्व में सैंकडों कार्यकर्ताओं एवं स्कूल के विद्यार्थियों ने स्कूल के खिलाफ जोरदार नारेबाजी व प्रदर्शन किया। घटना से आहत कार्यकर्ताओं ने भाजपा नगराध्यक्ष के तत्वाव्धान में स्कूल के खिलाफ पुलिस को तहरीर देते हुए मुकदमा पंजीकृत कराने के साथ ही स्कूल की मान्यता निरस्त कराने की मांग की।

एक ओर जहां देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी के सत्तर वर्ष बीत जाने के बाद ‘जरा याद करो कुर्बानी’ की मुहिम चला रखी है। वहीं शिक्षानगरी रुड़की की सिविल लाइन में आईआईटी के निकट स्थित सैंट जॉंस स्कूल में पिछले पच्चीस वर्षों से राष्ट्रगान नहीं हुआ है। इससे कहीं अधिक दिलचस्प बात यह है कि स्कूल के प्रधानाचार्य को राष्ट्रगान के मायने ही मालूम नहीं हैं। मामला जब भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष के समक्ष आया तो उन्होंने अपने सैंकडों कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल के प्रधानाचार्य ओ सी सैम्युअल का घेराव किया और उनसे इस बाबत पूछताछ की, तो राष्ट्रगान को वह नहीं सुना पाए और बगलें झांकने लगे। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि स्कूल की एक डायरी उनके पास है, जिसमें राष्ट्रगान लिखा हुआ है। उनका कहना है कि पिछले पच्चीस वर्षों से स्कूल यहां पर स्थापित है लेकिन किसी ने भी इस बारे में उनसे कभी किसी प्रकार की पूछताछ नहीं की। इस बारे में प्रधानाचार्य ओसी सैम्युअल ने गुस्से में कहा कि वह अपने स्कूल में राष्ट्रगान नहीं करते इसके लिए उन पर कोई दबाव नहीं है।

इससे आहत भाजयुमों के जिलाध्यक्ष सागर गोयल ने भाजपा नगराध्यक्ष अरविंद गोयल के तत्वाव्धान में सिविल लाईन कोतवाली में स्कूल के खिलाफ तहरीर दी। उन्होंने स्कूल पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह ऐसा करके देश व राष्ट्रगान दोनों को अपमानित कर रहे हैं। जिस स्कूल के प्रधानाचार्य को यह मालूम नहीं है कि देश में स्थापित स्कूल कालेजों के क्या नियम हैं वह बच्चों को क्या शिक्षा दे सकते हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे स्कूलों के खिलाफ एक मुहिम के तहत कड़ी कार्यवाही करते हुए उनकी मान्यता निरस्त एवं उन पर राष्ट्रोह में मुकदमा पंजीकृत करने की मांग की। इस अवसर पर राहुल चैधरी, अनंत शर्मा, शिवम यादव, आयुष शर्मा, आकाश राठी, विकास सैनी, कपिल सैनी, साग अरोड़ा आदि सैंकडों भाजयुमों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

देव भारद्वाज

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