Home / देश / सुप्रीम कोर्ट का आदेश ठेंगे पर
Due-to-the-order-of-the-Supreme-Court

सुप्रीम कोर्ट का आदेश ठेंगे पर

नयी दिल्ली। आजतक हम लोगों को यह भ्रम था कि उच्चतम न्यायालय के आदेश अवहेलना करने की हिमाकत करना किसी के बस की बात नहीं है। लेकिन दिल्ली की जनता और सरकारों ने यह साबित कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश उनके लिये कोई मायने नहीं रखते। सरकार के मंत्री भी सुप्रीम कोर्ट के आतिशबाजी न करने वाले आदेश को खारिज करते हुए कहते हैं कि अदालत को परंपराओं के बारे में भी सोचना चाहिये। केन्द्र सरकार का हेडआफिस आरएसएस के प्रवक्ता सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना कर रहे है। जो लोग भी परंपरा और सस्कृति की दुहाई दे रहे हैं उन्हें दिल्लीवासियों की सेहत का बिल्कुल भी ख्याल नहीं है।
मालूम हो कि दिल्ली के प्रदूषण लेवल को देखते हुए यह आदेश दिया था कि इस बार दीपावली के मौके पर आतिशबाजी की बिक्री और खरीदपर रोक लगा दिया था। आदेश के अनुसार दिल्ली में 1 नवंबर तक आतिशबाजी की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया। उसके आदेश को लागू कराने के लिये केन्द्र व दिल्ली सरकार को जिम्मेदारी दी गयी थी। लेकिन दिल्ली में सुप्रीमकोर्ट के आदेश को लागू करने में केन्द्र व दिल्ली सरकार विफल दिखीं। दिल्ली पुलिस को आदेश दिया गया था कि आतिशबाजी की बिक्री पर रोक लगाये। लेकिन दिल्ली पुलिस इतनी कर्मठ है कि पूरी दिल्ली में अतिशबाजी के सभी इलाकों में जमकर आतिशबाजी का जमकर प्रदर्शन किया गया। लेकिन हैरत तब हुई दीपावली की रात को दिल्लीवासियों ने जमकर आतिशबाजी का इस्तेमाल किया। खासतौर से दिल्ली की हाई रेजीडेंट सोसाइटीज में जहां तथाकथित प्रबुद्ध वर्ग के लोग रहते हैं। इस बात को नकारा नहीं जा सकता है कि उन्हें सुप्रीमकोर्ट के इस आदेश की जानकारी नहीं थी। इसे यह भी माना जा सकता है नेताओं की तरह आम जनता को भी देश की सबसे बड़ी अदालत के आदेश की भी परवाह नहीं है। लोग परंपराओं के आड़ में सेहत से खिलवाड़ करने पर अमादा हैं।

विनय गोयल की रिपोर्ट

Next9news

Check Also

kovind with Bahoo

राष्ट्रपति की बहू लडेंगी बीजेपी के खिलाफ चुनाव

नयी दिल्ली। कानपुर के झींझक नगर पालिका का चुनाव में भाजपा के लिए उस समय …