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क्या महागठबंधन अश्वमेघ यज्ञ का घोड़ा रोक सकेगा

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पिछले आम चुनाव से पहले एनडीए के पीएम उम्मीदवार मोदी ने जनता के बीच घूम घूम कर अच्छे दिन आने का विश्वास दिलाया था। लेकिन साढे़ चार साल के मोदीकाल में देश का कोई भी वर्ग खुशहाल नहीं हैं। छोटे व्यापारियों को नोटबंदी व जीएसटी ने निपटा दिया है। शिक्षित …

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मानवीय जीवन में सत्य, अहिंसा, प्रेम, शांति व धर्म मूल मंत्र

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दक्षिण भारत में साईं बाबा के भारी तादाद मंे सर्मर्थक बसे हुए हैं। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में बाबा की महिमा, शिक्षा और दीक्षा का अच्छा खासा प्रभाव देखा जाता है। कहा जाये कि इन प्रदेशों में साईं बाबा को लोग भगवान मानते हैं तो गलत नहीं होगा। …

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इहलोक से कूच कर गये अटल!

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नयी दिल्ली। 93 साल की उम्र में भारत रत्न और देश के पूर्व प्रधानमंत्री देशवासियों और पार्टीजनों को रोता बिलखता छोड़ गये। पिछले काफी समय से अटलजी एकाकी जीवन व्यतीत कर रहे थे। उनके दोनो ही घुटनों को बदला जा चुका था। सार्वजनिक जीवन से उनका कोई वास्ता नहीं रह …

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विपक्षियों की एकजुटता के आगे मोदी सरकार हाथ पांव फूल गये

opposition party leaders

इन दिनों देश की राजनीति में उबाल देखा जा रहा है। तेलुगू देशम पार्टी ने मोदी सरकार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। टीडीपी के समर्थन में कांग्रेस समेत 12 विपक्षी दल भी एकजुट खड़े हैं। यह माना जा रहा है कि 2019 के …

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ऐसे उजड़ा चमन अपना अमन के खाक हो गया मकां बनते-बनते

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तुम्हारे बारे में सोचते-सोचते के सो गये हम रोते-रोते चरागों से जीत गया मैं वो बुझ गये संग जलते-जलते अरमानों की आखिरी उम्मीद भी आज खत्म हो गई साथ चलते-चलते लड़खड़ाते हुए उठा तो था लेकिन गिर गया मैं फिर संभलते संभलते ऐसे उजड़ा चमन अपना अमन के खाक हो …

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…..चेहरा खुद ब खुद खिल उठता है जब घर जाता हूं

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कोई ख्वाहिश अधूरी सी लगती है जब घर जाता हूं, एक तड़प फिर से उभर जाती है जब घर जाता हूं।   आंगन में बैठकर अपने बचपन से बातें करना देर तक, के चांद आकर छत पर बैठ जाता है जब घर जाता हूं।   रास्तों ने कदमों को पहचानकर …

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… और लोग इसे मेरी, औकात समझ बैठे

Sad-Shayari

बहुत सोचना पड़ता है, मुंह खोलने से पहल। क्योंकि अब दुनिया दिल से नहीं, दिमाग से रिश्ते निभाती है। रिश्ते संजोने के लिये मैं, झुकती हमेशा ही रही। और लोग इसे मेरी, औकात समझ बैठे। … दीपिका टंडन

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….जब तक खुली आंख रहे तब तक याद आते हो

sad song

जब चांद आसमां से ताकता है याद आते हो, जब तक खुली आंख रहे तब तक याद आते हो। ख्बावों में यूं तो मिलना रोज़ ही होता है अक्सर, अगर नहीं मिलती हो तो ख्यालों में याद आते हो। कहने को गुज़र रही है उम्र बस यूं ही तन्हा, मगर …

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… अब खुशी है न कोई दर्द रुलाने वाला

sad love

जो गुजारी न जा सकी हमसे, हमने वो जिंदगी गुजारी है। अब खुशी है न कोई दर्द रुलाने वाला, हमने अपना लिया हर रंग जमाने वाला। अब रख सको तो मुझसे कोई ऐसा राब्ता रखना, पूरी तरह हो जाओ मेरे तो आना लौट कर वर्ना यूं ही फासला बनाये रखना। …

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देश के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरूजी की सैलरी थी 1,600 रुपये प्रतिमास

first pm

नयी दिल्ली। भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपने निजी खर्चों पर बोलने के मामलों में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु के मुकाबले कम पारदर्शी होने का आरोप लगा है । यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित समाजसेवी और इंजीनियर संजय शर्मा ने लगभग 56 साल पहले 28 जुलाई 1962 को लखनऊ …

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