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3 साल, आखिर मोदी सरकार ने क्या किया… ?

तीन साल सरकार के नाम, अरे नहीं तीन साल जनता के नाम। मुझे नहीं पता भाई किसके नाम रहे ये तीन साल।  मोदी सरकार, मेरी नजर में ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी सरकार को उसके प्रधानमंत्री के नाम से जाना गया हो। अब मोदी सरकार ने अपने तीन साल पूरे कर लिए हैं लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मोदी सरकार ने इन तीन साल में क्या किया है, क्या नहीं किया है जो चुनाव के सामय वादा किया था।

इससे पहले कि हम सरकार के तीन सालों के कामों की बात करें एक बार सरकार द्वारा तीन साल पहले किए गए वादों पर एक नजर डाल लेते हैं ताकि ये याद रहे की हमें इन पर बात करनी हैं। और सरकार ने इन तीन सालों में किस मुद्दे पर काम किया है? मोदी सरकार का सबसे पहला वादा अच्छे दिन आने वाले हैंदूसरा सबका साथ सबका विकास, सौ दिन में काला धन वापस आएगा, पाकिस्तान और चीन को मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा, स्वच्छ भारत, नमामी गंगे, सौ स्मार्ट सिटी, डिजिटल इंडिया, कैशलैश सोसाइटी, प्रति वर्ष दो करोड़ रोजगार, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, विदेशी निवेश, आदर्श ग्राम योजना और नारी सुरक्षा।

Achhe din annem wale hain

अच्छे दिन आने वाले हैं।

सबसे पहले अच्छे दिन आने वाले हैं। ये वाला ऐड गाना तो आप सबने सुना ही होगा, नहीं सुना अरे भाईयो और बहनो जा के पहले युट्यूब पे ये गाना सुनो, फिर तो पता चलेगा मोदी जी आने वाले थे तो क्या-क्या बदलने वाला था। खैर तीन साल बीत जाने के बाद मुझे नहीं पता किसके अच्छे दिन आ गए। मेरे तो नहीं आये अच्छे दिन अगर आपके आये हैं तो उससे बोल देना बाकियों के घर भी घूम आए। हां आपको मैं बता दूं कि कुछ ही दिन पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा था ऐसा कुछ नहीं है अच्छे दिन नहीं आने वाले। यह बस एक चुनावी जुमला था। अब क्या जब मंत्री जी ही बोल रहे हैं कि अच्छे दिन नहीं आने वाले तो अच्छे दिन क्या खाक आएंगे। खैर हम आगे बढ़ते हैं दूसरे वादे की तरफ सबका साथ सबका विकास। पता नहीं किस का विकास हुआ पर ना तो सबका साथ मिला ना ही सबका विकास हुआ। जब सत्ता धारी पार्टी चुनाव के दौरान टिकट ही सभी को नहीं बांटती तो वो पार्टी सबको साथ लेकर क्या चलेगी।

काला धन वापस आएगा

तीसरा इनका सबसे बड़ा चुनावी वादा जो ये था कि हम सौ दिन के अंदर-अंदर विदेशों में जमा काला घन वापस लाएंगे। जिसे आने के बाद सभी के अकाउंट में करीब-करीब 15 लाख रुपए तो यूं ही जमा हो जाएंगे। विदेशों में जमा काला धन तो आया नहीं बदले में सरकार ने अपनी नाकामयाबी छुपाने के लिए नोटबंदी कर डाली। पता नहीं नोटबंदी से क्या लाभ हुआ, सरकार के पास कितना काला धन आया आज छः महीने बाद भी किसी को नहीं पता। नोटबंदी की शुरुआत में कहा गया था कि यह काले धन पर सरकार का वार है फिर कहा गया कि कैश लैश सोसाईटी बनाने के लिए किया गया, फिर कहा गया आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए किया गया। और भी पता नहीं क्या-क्या कहा गया हर रोज एक नोट बंदी से जुड़ा कानून आता रहा लेकिन छः महीने बाद भी इससे क्या फायदा हुआ कुछ नहीं पता। एक आम आदमी के स्तर पर सोचा जाए तो उसे कोई फायदी नहीं हुआ। कितना काला धन विदेश से आया ये तो पता नहीं पर देश में भी नोट बंदी के समय कितना काला धन आया नहीं पता।

पाकिस्तान, चीन 

चुनाव से पहले पाकिस्तान को लव लेटर लिखना बंद करो, चीन से लाल आंखें दिखा के बात करो। चुनाव जीतने के बाद लव लेटर लिखना जारी रहा और चीन के बारे में कहा जाता है आंख दिखा के नहीं आंख मिला के बात करने से बात बनती है। 2014 से पहले सैनिकों के सर काटे जाने पर ये सरकार की नाकामयाबी होती थी लेकिन 2014 के बाद ना तो सीज फायर रुका ना ही सौनिकों के शहीद होने की संख्या में कोई कमा आई और शायद देश में ऐसा पहली बार हो रहा था जब ऐयरबेस पर हमले के बाद पाकिस्तान की टीम जांच करने आती है और यहां से जाने के बाद ये कहती है कि भारत ने खुद से हमला करवा लिया। यही नहीं शायद ये भी पहली बार ही हो रहा है कि 2014 के बाद सीज फायर घटने के बजाय बढ़ता जा रहा है। 2015 में 405 बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ तो वहीं 2016 में यह बढ़कर 449 हो गया तो इस साल अब तक 250 से अधिक बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ है । तो वहीं बिना युद्ध हुए पिछले तीन सालों में 427 जवान शहीद हो गए और सिर्फ जम्मू-कश्मीर में ही 159 जवान शहीद हो गए और सरकार चुप-चाप देखती रही। लेकिन ऐसा नहीं है कि हमारी सेना ने दुश्मनों को जवाब नहीं दिया है सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक किए, हाल ही में सेना ने एक वीडियो रिलीज किया जिसमें नौसेना के पास पाकिस्तान के बंकरों को नेस्नानाबुत करते दिखाया गया। लेकिन इन सब के बाद भी पाकिस्तान ना तो आतंकवाद से बाज आया ना ही लाइन ऑफ कंट्रोल पर पर सीज फायर वायलेशन रुका। इस मामले में भी मोदी सरकार पिछली कांग्रेस सरकार से विफल ही रही। लेकिन राजनीतिक तौर और कूटनीतिक तौर पर सर्जिकल स्ट्राइक कर के सरकार ने एक मिसाल जरुर कायम की है।

PM_Modi

स्वच्छ भारत, नमामी गंगे

खैर इससे इतर हम आपको लिए चलते है स्वच्छ भारत और नामामी गंगे। भारत कितना स्वच्छ हुआ, इस बात का तो अंदाजा हम अपनी आस पास की गंदगी देख कर ही लगा सकते हैं। भले ही जब इसकी शुरुआत हुई थी तो बड़े-बड़े लोगों ने झाड़ू लगाकर फोटो तो जरुर खिंचवाए मगर देश की सफाई नहीं हो पायी। क्योंकि जिन लोगों ने झाड़ू लगाए ये उनका काम नहीं था। सरकार को जनता और सफाई कर्मियों में ये चेतना जगाने की जरुरत है कि वो साफ-सफाई का ध्यान रखें। मैं इस मामले मे तो सरकार को पूर्ण रुप से जिम्मेदार नहीं मानता क्योंकि कहीं न कहीं इसमें हमारे समाज की भी गलती है। लेकिन इन सब से हट कर जहां इनको काम करना चाहिए ये वहां भी नहीं कर पाए। नमामी गंगे नाम तो सुना ही होगा। पता नहीं गंगा कितनी साफ हुई पर इस प्रोजेक्ट पर अभी तक तकरीबन 1700 करोड़ खर्च हो चुके हैं। इसके लेकर सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने केंद्र सरकार को फटकार भी लगाई लकिन इन सब के बावजूद भी काम में कोई तेजी नहीं दिख रही। लेकिन ऐसा भी नहीं मोदी सरकार ने काम नहीं किए कई ऐसे प्रोजेक्ट है जिनमें मोदी सरकार को सफलता मिली।

Namami-Gange

मोदी सरकार की उपलब्धियां

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 28 करोड़ नए अकाउंट खोले गए, जिसमें अभी तक 64 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं। साथ ही 22 करोड़ नए रुपे कार्ड जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना जिसके तहत गरीब लोगों को 2 करोड़ नए गैस कनेक्शन दिए गए साथ ही 2019 तक 5 करोड़ नए गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य है। उजाला योजना के तहत 23 करोड़ एलईडी बल्ब बांटे गए जिससे 31 हजार यूनिट की रोजाना बचत होती हैं। इस तरह हम कह सकते हैं सबसे अधिक काम ऊर्जा के ही क्षेत्र में हुआ। इसके अलावा मेक इन इंडिया में निवेश तो बढ़ा है लेकिन अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई हैं। और इसको लेकर कई बार सवाल ये उठा की क्या सरकार इसको लेकर काम कर भी रही है कि नहीं। क्योंकि जब दिव्यांगों को व्हील चेयर बांटने की बात आती है तो इसे भी भारत में ना बनाकर चाईना से मंगाया जाता हैं। कुल मिलाकर आज तीन साल बीत जाने के बाद भी कई क्षेत्रों में काम अभी शुरु भी नहीं हुआ है कुछ क्षेत्रों में काम शुरु तो हुआ है लेकिन बहुत ही मंद गति से चल रहा है। तो वहीं कुछ क्षेत्रों में अच्छा काम हुआ है। बहरहाल देश की जनता सरकार से उम्मीद कर रही हैं कि अगले दो साल में सरकार अपने कामों में तेजी लाएगी और जनता की के भरोसे को बनाए रखने के लिए काम करेगी।

लव कुमार के निजी विचार …

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