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हमें देश से नहीं, देश में आजादी चाहियेः कन्हैया कुमार

नयी दिल्ली। जेएनएसयू पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार का कहना है कि हमें देश में आजादी चाहिये देश से नहीं। समाज में रहने वाले हर उस व्यक्ति को जो बेरोजगारी से त्रस्त है उसे बेरोजगारी से आजादी चाहिये। भुखमरी से लड़ने वालों को भूख से और गरीबों को निर्धनता से मुक्ति चाहिये। अनपढ़ों को अशिक्षा से मुक्ति चाहिये। जातिवाद से आजादी चाहिये। आर्थिक तंगी से छुटकारी मिले। आजादी का कोई रंग नहीं होता है। गुलामी गुलामी होती है। कन्हैया कुमार एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम और कितनी आजादी में भाग ले रहे थे। इस कार्यक्रम में एबीवीपी के साकेत बहुगुणा ने भी हिस्सा लिया।
कन्हैया कुमार ने यह भी कहा कि मोदी से लड़ कर मेरे खाते में 15 लाख आ गये हैं। मैंने तीन लाख का आयकर भी भर दिया है। मैं पीएम मोदी के खिलाफ नहीं बोलता मैं तो उनकी नीतियों का विरोध करता हूं। हम तो समाज की असमानता के खिलाफ संघर्ष करते रहे हैं। हम नजीब के लिये अभियान चला रहे हैं। रोहित वेमुला को न्याय दिलाने के लिये संघर्ष कर रहे हैं।
हम देश व राष्ट्र के खिलाफ नहीं हैं और न ही देश विरोधी नारे लगाने वालों का समर्थन करते हैं। ऐसे कार्यां में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिये। हम छात्रों की समाज के प्रति जो जिम्मेदारी है उसे निभाने में सहयोग करना चाहिये। मेरे ऊपर भी राष्ट्रद्रोह का आरोप लगा था। दिल्ली पुलिस एक साल बीतने के बाद भी मेरे खिलाफ चार्जशीट तय नहीं कर सकी है।
उन्होंने केन्द्र सरकार पर हिन्दू राष्ट्र बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह संविधान के खिलाफ है संविधान में भारत को एक धर्मनिपेक्ष देश कहा है। सरकार अपनी तुष्टिकरण के लिये देश में सांप्रदायिकता का माहौल उत्पन्न करना चाह रही है।

विनय गोयल की रिपोर्ट

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