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क्रिकेट के भगवान को कब लगा कि मैं थक रहा हूं

क्रिकेट को अपने जीवन के 24 साल देने वाले क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर का नाम एक बार फिर ट्रेंड में है और इसका कारण है। सचिन का दिल छू लेने वाला व पोस्ट जिसमें उन्होंने अपने जीवन कि दूसरी पारी के बारे में लिखा।

गौरतलब है कि सचिन हाल ही में प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन से जुड़े हैं और खबरों के अनुसार ऐसा करने वाले व दुनिया के पहले क्रिकेटर हैं। सचिन अपनी पोस्ट में लिखते हैं, जब कोई खिलाड़ी खेल नही रहा तो क्या करता है? काफी कुछ मैंने तो रास्ते ढूंढ निकाले है” सदी के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 16 नवम्बर 2013 क्रिकेट से अलविदा कहा था उनकी बल्लेबाजी में अदभुत प्रतिभा थी। जब सचिन खेलते थे तो ऐसा लगता था मानो जैसे कि हम कोई चमत्कार देख रहें हो।

अपने खेल के अलावा सचिन अपने अच्छे व्यक्तित्व के लिए भी जाने जाते हैं। दुनियाभर के लाखों क्रिकेट प्रेमी आज भी सचिन को प्यार और सम्मान देते हैं। आज भी क्रिकेट प्रेमियों कि जहन में सचिन कि व सारी लाजवाब पारियां ताजा हैं। याद आता है वह पल जब इस महान बल्लेबाज ने क्रिकेट को अलविदा कहा था बहुत मुश्किल क्षण था व लाखो क्रिकेट प्रेमियों के लिए ऐसा लगता था मानों सचिन नही तो क्रिकेट नही लेकिन समय तो आगे बढता ही जाता है और आखिरकार व समय भी आया जब क्रिकेट के भगवान ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया 16 नवम्बर 2013 को सचिन ने क्रिकेट से अलविदा कह दिया।

अपने पोस्ट में सचिन ने खुलासा करते हुए कहा कि संन्यास को लेकर पहला विचार उनके मन अक्टूबर 2013 के चैम्पियंस लीग टी-20 मैच के दौरान आया था। उसके एक महीने बाद ही उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।

सचिन हाल ही में पेशेवर नेटवर्किंग साइट ‘लिंक्डइन’ से ‘इंफ्लुएंसर’ के तौर पर जुड़े हैं और उन्होंने ‘माई सेंकेड इनिंग्स’ शीषर्क के लेख में लिखा, ‘अक्टूबर 2013 दिल्ली में चैम्पियंस लीग मैच के दौरान उनको लगा कि अब उनका क्रिकेट को छोड़ने का समय नजदीक आ गया है।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि ‘‘मेरी सुबह जिम वर्कआउट के साथ शुरू होती है जो मैं पिछले 24 सालों से कर रहा हूं। पर ना जाने क्यों उस दिन अचानक से सुबह कुछ बदल गया और मैंने महसूस किया कि मुझे खुद को उठाने के लिये जोर लगाना पड़ रहा है। मैं जानता था कि जिम ट्रेनिंग मेरे क्रिकेट का अहम हिस्सा है जो पिछले 24 सालों से मैं कर रहा हूं। फिर भी ना जाने क्यों मैं उठ नही पा रहा हूं ।तेंदुलकर ने आगे लिखा कि उस समय मुझे ऐसा लगा कि अब मुझे रुक जाना चाहिए।

सचिन आगे लिखते हैं कि ‘मेरी पहली पारी सपनों को पूरा करने की थी और मेरी दूसरी पारी मेरी संतुष्टि के लिए है। सचिन ने आगे कहा कि , मैं समाज और वंचित लोगों के लिए कुछ करना चाहता हूं। वर्तमान में सचिन ने आंध्रप्रदेश के एक गांव पुट्टमराजू कंडरिगा को गोद लिया है, इसके अलावा वह अविकसित इलाकों में बिजली पहुंचाने वाले एक प्रोजेक्ट से जुड़े हुए हैं,  इसके अलावा सचिन प्रधानमंत्री मोदी के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और क्रिकेट को नए इलाकों तक पहुंचाने के काम में भी जुटे हुए हैं।

भले ही सचिन ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया हो पर सचिन कभी भी हमारी यादों से नही जा सकते। सचिन ने क्रिकेट में व कर दिखाया जो शायद कोई दूसरा क्रिकेटर अपने क्रिकेट करियर में कर पाये। सचिन अपनी इस पोस्ट से लोगों को बहुत कुछ सिखा भी गए कि जिंदगी में रास्ते कभी बंद नही होते बस कोशिश हमें करती रहनी होगी।

अनीता झा की निजी विचार 

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