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Haridwar|Best Place to Visit|Holy Place|Kumbh Mela 2021

हरिद्वार का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है. हरिद्वार का अर्थ है भगवान तक पहुंचने का रास्ता. इस स्थान को देवनगरी भी कहा जाता है. यह स्थल उत्तराखंड राज्य की पहाड़ियों के बीच स्थित है. भारत के सात पवित्र शहरों अर्थात सप्तपुरी में से एक स्थान हरिद्वार भी है. यहां तक कि 3 धार्मिक केंद्र ऋषिकेश केदारनाथ एवं बद्रीनाथ तक जाने का रास्ता हरिद्वार से ही होकर गुजरता है. इस शहर को मायापुरी, कपिला, मोक्ष द्वार एवं गंगाद्वार के नाम से भी जाना जाता है. कई हिंदू महाकाव्यों में भी हरिद्वार शहर का वर्णन मिलता है.

महाराजा विक्रमादित्य के शासनकाल से ही इस शहर का इतिहास मिलता है. उनकी विशेषता यहां के धार्मिक केंद्र और पर्यटक आकर्षण है. यह शहर गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है और यहां के अधिकतर धार्मिक केंद्र भी गंगा के किनारे ही बसे हुए हैं. यहां नदी के घाटों पर कई पदचिन्ह है. ऐसा माना जाता है कि यह पैरों के निशान हिंदू भगवान विष्णु जी के हैं. यहां का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र स्थान हर की पौड़ी है जिसे ब्रह्मकुंड के नाम से भी जाना जाता है. ब्रह्मकुंड वह स्थान है जहां से गंगा नदी पहाड़ों को छोड़कर मैदानों में प्रवेश करती है.

हिंदू धर्म की विभिन्न प्रथाओं को पूरा करने विशेषकर मुंडन, जनेऊ और अस्थि विसर्जन के लिए यहां आते हैं. इस शहर में हर 12 साल के बाद कुंभ मेला आयोजित किया जाता है जिसमें विश्व भर से श्रद्धालु भाग लेने के लिए यहां आते हैं. यहां स्थित माया देवी, मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर की भारत में मौजूद 52 शक्तिपीठों में होती है. वैष्णों देवी मंदिर, भारत माता मंदिर, एवं पीरान कलियार यहाँ स्थित कुछ अन्य पवित्र स्थल हैं. क्या आप जानते हैं कि हरिद्वार का वैष्णों देवी मंदिर हाल ही में बना धार्मिक स्थल है जिसकी संरचना जम्मू के वैष्णो देवी से मिलती है. इस मंदिर का निर्माण पहाड़ों पर है जो कि गुफाओं से भरा हुआ जैसा कि हमें जम्मू के वैष्णो देवी में देखने को मिलता है.

अब हम आपको बताएँगे हरिद्वार से जुडी कुछ ऐसी बातें जो आप शायद ही जानते होंगे:-

हरिद्वार ही वह पहला शहर है जहाँ गंगा नदी का अवतरण हुआ था. हरिद्वार उन चार स्थानों में से एक है जहाँ कुम्भ मेले का आयोजन किया जाता है अन्य तीन स्थान है प्रयागराज, उज्जैन और नासिक. यहाँ सबसे भव्य गंगा आरती का आयोजन हर शाम को होता है. हरिद्वार को योगाभ्यास का मक्का कहा जाता है. यहाँ कई ऐसे आश्रम है जिनका संबंध योग से है. इस स्थान पर पतंजलि योगपीठ का मुख्यालय भी है. हरिद्वार एक धार्मिक स्थल होने के साथ ही मनोरंजन और एडवेंचर का केंद्र भी है यहाँ आप रोपवे, रिवर राफ्टिंग जैसी कई अद्वेंचरस एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं. यहाँ की मान्यता है कि पहाड़ों पर स्थित मनसा देवी के मंदिर में दर्शन करने से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. शान्तिकुंज यहाँ स्थित एक ऐसा स्थान है जिसे आयुर्वेद पर रिसर्च के लिए विश्वभर में जाना जाता है.

पीरान कलियार यहाँ स्थित एक ऐसी दरगाह है जिसे 13 वीं शताब्दी में बनवाया गया था. यहाँ पर तांगे और टुक-टुक रिक्शे की सवारी आपको एक अलग ही अनुभव देगी जो आपको भारत के चुनिन्दा शहरों में ही मिलेगा. यहाँ के पारदेश्वर मंदिर में आपको पारे अर्थात मरकरी का शिवलिंग देखने को मिलेगा जो अपने आप में दुर्लभ है. इस मंदिर में एक रुद्राक्ष वृक्ष भी है जो इस स्थान को ख़ास बनाता है. यहाँ एक ऐसा मंदिर है जो भारत माता को समर्पित है. यहाँ दक्ष प्रजापति का भी मंदिर है यह मंदिर उस स्थान पर बनाया गया है जिसको लेकर यह मान्यता है कि इस स्थान पर राजा दक्ष ने एक यज्ञ का आयोजन किया था जिसमें जलकर देवी सती ने खुद को भस्म कर लिया था. कहा यह भी जाता है कि जिस अग्नि में जलकर देवी सती ने आत्मदाह किया वो आज भी जल रही है.

हरिद्वार भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है कहा जाता है कि इस शहर की स्थापना करीब 1700 साल पहले की गई थी चीनी साहित्यकार ह्वेन त्सांग ने 629 ईस्वी में अपने लेख में इस शहर के बारे में जिक्र किया था. इस शहर को सन 1886 में रेल नेटवर्क से जोड़ दिया गया था. यह वो दौर था जब लोग तांगे और बैलगाड़ियों में सफ़र करते थे हालांकि यहाँ बैलगाड़ियों का चलन तो अब ख़त्म हो चूका है लेकिन यह शहर संभवतः भारत का आखिरी ऐसा शहर बचा है जहाँ आज भी तांगे अस्तित्व में हैं. अगर आप चार धामों की यात्रा करना चाहते हैं तो आपको अपनी यात्रा हरिद्वार से शुरू करनी होगी क्योंकि इसी स्थान से अन्य धामों के लिए रास्ता जाता है. प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले कांवड़ मेले में करीब 3 करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार आते हैं. हरिद्वार धार्मिक दृष्टि के अलावा औद्योगिक दृष्टि से भी काफी मजबूत है. यहाँ भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स इंडिया मौजूद है. यह वह स्थान भी है जहाँ भारत का पहला तकनीकी संस्थान रूड़की विश्वविद्यालय या आईआईटी रूड़की स्थापित किया गया था. रेल, वायु और स्थल मार्ग से बड़े ही आराम से हरिद्वार पहुंचा जा सकता है.

जोली ग्रांट हवाई अड्डा यहाँ का एअरपोर्ट है जो हर एक महत्वपूर्ण स्थानों से जुड़ा हुआ है. हरिद्वार रेलवे स्टेशन इस शहर का रेलवे स्टेशन है जो भारत के हर अहम शहरों से जुड़ा हुआ है. आपको बता दें इस साल हरिद्वार में कुम्भ मेले का आयोजन होना है जो अगले ही महीने आयोजित होगा इस मेले में करोड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है.

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