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बनारस से जुडी कुछ अनसुनी बातें|Banaras|Varanasi

भारत देश अपनी धार्मिक विश्वास के लिए जाना जाता है। हमारे देश में कई ऐसे स्थान हैं जो धार्मिक विरासत के रूप में जाने जाते हैं। आज धार्मिक स्थलों की यात्रा कराते हुए आपको लेकर चलते हैं बनारस. बनारस सपने और सच के बीच का शहर है। बनारस कहे वाराणसी कहें या काशी यहाँ के कण कण में महाकाल शिव निवास करते हैं. हिन्दू धर्म के अलावा बौद्ध और जैन धर्म के लिए भी यह शहर पवित्र है. यह शहर काफी प्राचीन है. अमेरिकी लेखक मार्क ट्वेन लिखते हैं कि बनारस वो शहर है जो इतिहास से भी पुराना है. परम्पराओं से भी पुराना है लेखों से भी पुराना है अभिलेखों से भी पुराना है. इस शहर में कदम रखते ही मंदिरों में बजती घंटियों और आरती का स्वर और घाटों पर कोलाहल सुना जा सकता है. यह सबसे प्राचीन शहर दौड़ता-भागता नज़र आता है. यहाँ के लोकल बाजारों में आपको विभिन्न पकवानों का जायका चखने को मिल जाएगा. अगर आप ने यहाँ के अस्सी घाट पर गंगा आरती नहीं देखी तो आपने बनारस में कुछ देखा ही नहीं. इस जगह को गंगा नगरी भी कहा जाता है. धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के साथ यह शहर सांस्कृतिक अहमियत भी रखता है. बनारस राजनीतिक दृष्टि से भी काफी अहमियत रखता है हमारे देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी लोकसभा सीट से जीते थे. आपको बता दें हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का बनारस घराना वाराणसी में ही फला-फूला है. गोस्वामी तुलसीदास ने बनारस में ही हिन्दुओं का पवित्र महाग्रंथ रामचरितमानस लिखा था. गौतम बुद्ध ने भी अपना पहला प्रवचन बनारस के निकट ही सारनाथ में दिया था. कई महान लेखक, दार्शनिक और संगीतज्ञ बनारस की ही देन है. कबीर, वल्लभाचार्य, रविदास, स्वामी रामानंद, त्रैलंग स्वामी, शिवानन्द गोस्वामी, मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, पंडित रवि शंकर, गिरिजा देवी, पंडित हरि प्रसाद चौरसिया एवं उस्ताद बिस्मिल्लाह खां कुछ अहम नाम है.

अब आपको बताते हैं बनारस से जुडी कुछ रोचक तथ्य.
यहां कदम रखने के साथ ही आगंतुकों का मन धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत होने लगता है. यह शहर अपनी धार्मिक यहां अधिकतर लोग हिंदी भाषी है. हिन्दू और मुग़ल दोनों ही स्थापत्य कला यहाँ देखने को मिलती हैं. काशी विश्वनाथ, विश्वनाथ, संकट मोचन और तुलसी मानस मंदिर यहां स्थित बड़े मंदिर हैं. हिन्दू धर्म के लिए विश्वनाथ और काशी विश्वनाथ मंदिर धार्मिक महत्व रखता है. तुलसी मानस मंदिर संगमरमर से बनाया गया है। इस मंदिर की दीवारों पर रामचरितमानस की चौपाइयां अंकित हैं. विश्वनाथ मंदिर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में स्थित है. अस्सी घाट, दशास्वमेध और शूल टंकेश्वर घाट यहाँ स्थित कुछ प्रमुखघाट है. जहाँ अस्सी और दशास्वमेध घाट धार्मिक महत्व रखते हैं. वहीं शूल टंकेश्वर घाट एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है. इन घाटों पर आप बोटिंग का लुत्फ़ भी उठा सकते हैं.

ऐतिहासिक विरासत अगर आप देखना चाहते हैं तो इस नजरिए से भी बनारस आपको निराश नहीं करेगा. अब आपको लेकर चलते हैं कुछ ऐसी जगहों पर जहां आपको कला और ऐतिहासिक धरोहर देखने को मिलेगी. रामनगर किला सन 1750 में राजा बलवंत सिंह द्वारा बनवाया गया था. मुग़ल वास्तुकला के हिसाब से इस किले का निर्माण करवाया गया था. भारत कला भवन 1920 में बनवाया गया था. यह कला भवन एक चित्रशाला है। यहाँ आपको ताड़पत्र, शिलालेख और दीवारों पर बहुत पहले उकेरे गए चित्र देखने को मिलेंगे. सारनाथ बनारस से 15 किलोमीटर दूर स्थित है. यह स्थान बौद्ध धर्म से सम्बन्ध रखता है. यहाँ पर आपको सारनाथ स्तूप, आर्कियोलोजिकल म्यूजियम और खुदाई में मिले अवशेष आपको यहाँ मिल जाएंगे.

अब सवाल यह भी उठता है कि बनारस पहुंचे कैसे और बनारस में कहाँ ठहरे. इसका भी जवाब हमारे पास मिलेगा. रेल, बस, वायु और निजी साधन से आसानी से बनारस पहुँच सकते हैं। हर बड़ा महानगर बनारस से जुड़ा हुआ है। अलका होटल, ताज गंगे और रैडिसन होटल यहाँ कुछ फेमस होटल हैं। ठहरने के लिए आपको यहाँ 700 से लेकर 15 हजार प्रतिदिन के हिसाब से होटल्स मिल जाएंगे.

अब एक ऐसे सफर की ओर आपको लेकर चलते हैं जिसका इंतजार आपको बेसब्री से होगा. अब आपको घुमाएंगे बनारस के बाजार और रूबरू करवाएंगे आपको इस शहर की कुछ ऐसी खास बातों से जिस वजह से यह शहर मशहूर है. दालमंडी, विश्वनाथ और दशाश्वमेध बाज़ार यहाँ स्थित लोकल बाज़ार हैं। यहाँ पर मॉल भी हैं जहाँ आप शॉपिंग कर सकते हैं। यहाँ का बनारसी पान बहुत फेमस है। बनारसी चाय भी लोगों द्वारा बेहद पसंद की जाती है। साथ ही वस्त्रों की अगर बात करें तो यहाँ की बनारसी साडी महिलाओं की पहली पसंद है। बनारस हर एज ग्रुप के लोग आते हैं इसीलिए सभी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपको बताएंगे बनारस के कुछ हैंगआउट स्पॉट्स जहां आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ अच्छा वक्त गुज़ार सकते हैं. मंगी फेरा, रामनगर किला और दशास्वमेध घाट यहाँ के फेमस हैंगआउट प्लेस है. यहाँ पर आप दोस्तों के साथ अच्छा वक़्त गुज़ार सकते हैं. बनारस घुमने का उपयुक्त समय सर्द ऋतु में नवम्बर से लेकर फरवरी तक का है. आप भी अपने व्यस्त शेड्यूल से वक़्त निकालिए और बनारस घूमकर आइये. फिलहाल के लिए बनारस से जुडी इस ख़ास पेशकश में सिर्फ इतना ही.

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